पर्यटन में हिमाचल की तुलना में उत्तराखंड का खर्च दोगुना लो इकोनामिक एक्टिविटी होने के कारण है समस्या
देहरादून। हिमाचल से तुलना की जाए तो पर्यटन उत्तराखंड पर बोझ बनता नजर आ रहा है. तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण हर साल सरकार को अधिक निवेश करना पड़ रहा है. इसके उलट पर्यटन से खास आय सरकार को नहीं हो पा रही है.उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश बनाने की बात भी की जाती रही है. इसके लिए कोशिश भी की गई. अलग से पर्यटन विकास परिषद का गठन भी किया गया. हिमाचल की तुलना में यहां पर्यटन दोगुने से ज्यादा खर्च किया जा रहा है. हिमाचल में पर्यटन पर प्रति व्यक्ति करीब ५ रुपये के हिसाब से खर्च किया जा रहा है. जबकि, उत्तराखंड में करीब १२ रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से पर्यटन पर खर्च किया जा रहा है. इसके बाद भी राज्य को पर्यटन से खास फायदा नहीं हो रहा है. सरकार की असली परेशानी तीर्थयात्री हैं. प्रदेश की ओर रुख करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में हर साल इजाफा हो रहा है. लो इकोनामिक एक्टिविटी के कारण खास फायदा भी सरकार को नहीं हो रहा है. वहीं, तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं जुटाने में सरकार को खासा खर्च करना पड़ रहा है. यही कारण है कि प्रदेश में पर्यटन और तीर्थाटन को अलग-अलग देखने पर भी जोर दिया जा रहा है.
गुरुवार, 25 जून 2009
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