गुरुवार, 25 जून 2009

सुबह होते ही दे दिया था इस्तीफा
देहरादून. मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी ने भाजपा विधायक दल के नेता की कुरसी से इस्तीफा सुबह होते ही दे दिया था. पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने उनका इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ ङ्क्षसह को सौंपा. आलाकमान ने इसके साथ ही खंडूरी और उनके खिलाफ झंडा बुलंद करने वाले भगत ङ्क्षसह कोश्यारी को फिलहाल, खामोश रहने की हिदायत दी गई है.खंडूरी इस्तीफा देंगे, यह तो मंगलवार देर रात तय हो गया था. इसके बाद सुबह डॉ. जैन ने उनका इस्तीफा उत्तराखंड निवास से लिया और राजनाथ को उनके आवास पर जाकर दे आए. राजनाथ को सुबह ही जम्मू के लिए निकलना था. वह इस्तीफा स्वीकार करने के बाद रवाना हुए. यह बात अलग है कि खंडूरी के इस्तीफे के बारे में आधा दिन गुजर जाने तक भी लोगों और मीडिया के पास पुख्ता जानकारी नहीं थी. यही हालत मंत्रियों और विधायकों की थी. वे भी एक दूसरे से या फिर मीडिया और सूत्रों से इस्तीफे के बारे में मालूम करने की कोशिश करते रहे.डॉ. जैन ने इस बारे में कुछ भी जानकारी देने में असमर्थता जताई. कहा कि इस बारे में कुछ भी कहने के लिए वह अधिकृत नहीं हैं. सूत्रों के अनुसार खंडूरी को हटाने के बारे में कल शाम तक भी हाईकमान फैसला नहीं कर पाया था. शाम ढलने के बाद उन्हें इस बारे में बताया गया. सूत्रों के अनुसार हाईकमान ने अब खंडूरी और उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी भगत ङ्क्षसह कोश्यारी को साफ शब्दों में चेता दिया है कि वे नए नेता विधायक दल के बारे में कोई सियासत न करें. उन्हें वरिष्ठ होने का हवाला देते हुए कहा गया कि उनकी कोई भी हरकत पार्टी में हलचल शांत करने की कोशिशों में विघ्न डाल सकता है.

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